गूगल अर्थ पर ‘मैरी मी’ लिखकर प्रपोज किया, इसके लिए 7000 किमी की यात्रा की
टोक्यो. जापान के रहने वाले एक युवक ने प्रेमिका को शादी का प्रपोजल गूगल अर्थ की मदद से जापान के नक्शे पर 'मैरी मी' ड्रॉइंग करके दिया। इसके लिए उसने जीपीएस का इस्तेमाल किया और 6 महीने में 7000 किमी की यात्रा की। उसके इस अनोखे तरीके को गिनीज बुक ने सबसे बड़ी जीपीएस ड्रॉइंग मानते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है। जब उसकी गर्लफ्रेंड को इस बारे में बता चला तो वह शादी से इनकार नहीं कर सकी। गूगल ने इस व्यक्ति की अप्रत्याशित कहानी को ट्वीट कर जानकारी दी।
टोक्यो में रहने वाले यासुशी ताकाहाशी उर्फ यासान 2008 में नात्सुकी में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करना चाहते थे। उनकी ख्वाहिश इस मौके को यादगार बनाने की थी।इसके लिए उसने 10 साल रिसर्च की। उन्होंने गूगल अर्थ और स्ट्रीट व्यू के साथ जीपीएस आर्ट बनाया। इसके बाद तय किया कि वे इसे अपने शादी के प्रस्ताव में शामिल करेंगे।
तय रूट पर यात्रा की
यासान ने जापान के नक्शे पर 'मैरी मी और दिल' बनाने के लिए पहले से तय रूट पर यात्रा शुरू की। इसके लिए अपने साथ जीपीएस डिवाइस रखी। इसके बाद इस रूट को मैपिंग टूल गूगल अर्थ पर अपलोड किया। इसे जापान के पूरे नक्शे पर देखा जा सकता है।
इस काम के लिए यासान ने अपनी नौकरी छोड़ दी और यात्रा करने की योजना बनाई। उन्होंने होक्काइडो आईलैंड से यात्रा शुरू कर कागोशिमा के तट पूरी की। 6 महीने में उसने करीब 7 हजार किमी की यात्रा की।
लड़की ने कहा- मैं इस सरप्राइज के बारे में सोच भी नहीं सकती थी
यासान की गर्लफ्रैंड ने कहा कि मैं सोच भी नहीं सकती कि कोई मेरे लिए ऐसा कर सकता है। लगता है कि यह दुनिया का सबसे महान प्यार है। मैं इसे तहेदिल से स्वीकार करती हूं।
2014 में सौराष्ट्र भाजपा का था, विधानसभा में कांग्रेस की तरफ चला गया। वजह थी किसान और पाटीदार आंदोलन। अब जाति सबसे बड़ा फैक्टर है। पाटीदार, कोली, अहीर कई सीटों पर निर्णायक हैं। राजकोट सीट पर भाजपा मजबूत नजर आ रही है। पर अमरेली और जूनागढ़ में फंसी है। जूनागढ़ में भाजपा के राजेश चुडास्मा को लेकर नाराजगी है। जामनगर, भावनगर, कच्छ में भाजपा सुरक्षित महसूस कर रही है। पोरबंदर में दोनों तरफ उठापटक है।
उत्तर : सौराष्ट्र के बाद सबसे चौंकाने वाले परिणाम उत्तर गुजरात से ही होंगे
सीटें : मेहसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, पाटण, गांधीनगर
मेहसाणा में भाजपा की जड़ें गहरी हैं। मेहसाणा में ही मोदी का गांव वडनगर है। पाटीदार आंदोलन का एपिक सेंटर होने के बावजूद भाजपा की सीट सेफ है। चुनौती है पाटण में। भाजपा ने अंजान चेहरे भरत डाबी को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस से जगदीश ठाकोर जाना नाम है। पहली बार कांग्रेस एकजुट दिख रही है। साबरकांठा में भाजपा फंसी है। बनासकांठा में भाजपा को अपनों से ही खतरा ज्यादा है। भाजपा-कांग्रेस ने ठाकोर प्रत्याशी उतारे हैं।
दक्षिण : बारडोली में कांग्रेस सेफ, बाकी 4 में भाजपा को सिर्फ मार्जिन की चिंता
सीटें : सूरत, बारडोली, नवसारी, वलसाड़ और दमन-दीव
भाजपा ने सूरत में दर्शना जरदोश को दोबारा टिकट दिया है। इस बार यहां मुकाबला मूल सूरती बनाम सौराष्ट्रीय सूरती का है। भाजपा को चिंता हार नहीं, सिर्फ मार्जिन की है। बारडोली में कांग्रेस चुनौती देती दिख रही है। 2.25 लाख पाटीदार वोटरों को जो रिझा लेगा, सीट उसकी हो जाएगी। नवसारी में भाजपा सेफ है। वलसाड़ सीट पर 80 प्रतिशत मतदाता एसटी/एससी हैं। आदिवासी वोट भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग समान हिस्से में बंटे हुए हैं।
मध्य : 9 में से 8 सीट पर भाजपा मजबूत, आणंद में कांग्रेस को उम्मीद
सीटें : अहमदाबाद पूर्व, पश्चिम, वडोदरा, आणंद, खेड़ा, पंचमहाल, दाहोद, भरुच, सुरेंद्रनगर
अहमदाबाद की दोनों लोकसभा सीटों पर भाजपा को कोई समस्या नहीं है। 2014 में मोदी को रिकॉर्ड वोट से जिताने वाले वडोदरा में कांग्रेस भी उम्मीद नहीं कर रही। आणंद सीट जरूर इस बार चौंका सकती है। कांग्रेस ने भारत सिंह सोलंकी को उतारा है। भाजपा ने मितेश पटेल को टिकट दिया है। पंचमहाल, सुरेंद्रनगर में भाजपा को अंदरूनी लड़ाई का डर है। भरुच में लड़ाई त्रिकोणीय होने का फायदा भाजपा को मिलेगा।
टोक्यो में रहने वाले यासुशी ताकाहाशी उर्फ यासान 2008 में नात्सुकी में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करना चाहते थे। उनकी ख्वाहिश इस मौके को यादगार बनाने की थी।इसके लिए उसने 10 साल रिसर्च की। उन्होंने गूगल अर्थ और स्ट्रीट व्यू के साथ जीपीएस आर्ट बनाया। इसके बाद तय किया कि वे इसे अपने शादी के प्रस्ताव में शामिल करेंगे।
तय रूट पर यात्रा की
यासान ने जापान के नक्शे पर 'मैरी मी और दिल' बनाने के लिए पहले से तय रूट पर यात्रा शुरू की। इसके लिए अपने साथ जीपीएस डिवाइस रखी। इसके बाद इस रूट को मैपिंग टूल गूगल अर्थ पर अपलोड किया। इसे जापान के पूरे नक्शे पर देखा जा सकता है।
इस काम के लिए यासान ने अपनी नौकरी छोड़ दी और यात्रा करने की योजना बनाई। उन्होंने होक्काइडो आईलैंड से यात्रा शुरू कर कागोशिमा के तट पूरी की। 6 महीने में उसने करीब 7 हजार किमी की यात्रा की।
लड़की ने कहा- मैं इस सरप्राइज के बारे में सोच भी नहीं सकती थी
यासान की गर्लफ्रैंड ने कहा कि मैं सोच भी नहीं सकती कि कोई मेरे लिए ऐसा कर सकता है। लगता है कि यह दुनिया का सबसे महान प्यार है। मैं इसे तहेदिल से स्वीकार करती हूं।
2014 में सौराष्ट्र भाजपा का था, विधानसभा में कांग्रेस की तरफ चला गया। वजह थी किसान और पाटीदार आंदोलन। अब जाति सबसे बड़ा फैक्टर है। पाटीदार, कोली, अहीर कई सीटों पर निर्णायक हैं। राजकोट सीट पर भाजपा मजबूत नजर आ रही है। पर अमरेली और जूनागढ़ में फंसी है। जूनागढ़ में भाजपा के राजेश चुडास्मा को लेकर नाराजगी है। जामनगर, भावनगर, कच्छ में भाजपा सुरक्षित महसूस कर रही है। पोरबंदर में दोनों तरफ उठापटक है।
उत्तर : सौराष्ट्र के बाद सबसे चौंकाने वाले परिणाम उत्तर गुजरात से ही होंगे
सीटें : मेहसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, पाटण, गांधीनगर
मेहसाणा में भाजपा की जड़ें गहरी हैं। मेहसाणा में ही मोदी का गांव वडनगर है। पाटीदार आंदोलन का एपिक सेंटर होने के बावजूद भाजपा की सीट सेफ है। चुनौती है पाटण में। भाजपा ने अंजान चेहरे भरत डाबी को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस से जगदीश ठाकोर जाना नाम है। पहली बार कांग्रेस एकजुट दिख रही है। साबरकांठा में भाजपा फंसी है। बनासकांठा में भाजपा को अपनों से ही खतरा ज्यादा है। भाजपा-कांग्रेस ने ठाकोर प्रत्याशी उतारे हैं।
दक्षिण : बारडोली में कांग्रेस सेफ, बाकी 4 में भाजपा को सिर्फ मार्जिन की चिंता
सीटें : सूरत, बारडोली, नवसारी, वलसाड़ और दमन-दीव
भाजपा ने सूरत में दर्शना जरदोश को दोबारा टिकट दिया है। इस बार यहां मुकाबला मूल सूरती बनाम सौराष्ट्रीय सूरती का है। भाजपा को चिंता हार नहीं, सिर्फ मार्जिन की है। बारडोली में कांग्रेस चुनौती देती दिख रही है। 2.25 लाख पाटीदार वोटरों को जो रिझा लेगा, सीट उसकी हो जाएगी। नवसारी में भाजपा सेफ है। वलसाड़ सीट पर 80 प्रतिशत मतदाता एसटी/एससी हैं। आदिवासी वोट भाजपा-कांग्रेस के बीच लगभग समान हिस्से में बंटे हुए हैं।
मध्य : 9 में से 8 सीट पर भाजपा मजबूत, आणंद में कांग्रेस को उम्मीद
सीटें : अहमदाबाद पूर्व, पश्चिम, वडोदरा, आणंद, खेड़ा, पंचमहाल, दाहोद, भरुच, सुरेंद्रनगर
अहमदाबाद की दोनों लोकसभा सीटों पर भाजपा को कोई समस्या नहीं है। 2014 में मोदी को रिकॉर्ड वोट से जिताने वाले वडोदरा में कांग्रेस भी उम्मीद नहीं कर रही। आणंद सीट जरूर इस बार चौंका सकती है। कांग्रेस ने भारत सिंह सोलंकी को उतारा है। भाजपा ने मितेश पटेल को टिकट दिया है। पंचमहाल, सुरेंद्रनगर में भाजपा को अंदरूनी लड़ाई का डर है। भरुच में लड़ाई त्रिकोणीय होने का फायदा भाजपा को मिलेगा।
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