इस साल मिली पौधों की दस नई प्रजातियां
पौधों पर शोध करने वाले और उनका संरक्षण करने वाले लोगों ने बीते कई सालों में पौधों की कई दुर्लभ प्रजातियों की खोज की है.
साल 2018 की बात की जाए तो लंदन के क्यू ज़िले में स्थित रॉयल बोटेनिक गार्डन के वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक नए पौधों की खोज की.
सिएरा लियोन के राष्ट्रीय वनस्पति संग्रहालय के प्रोफेसर अइया लेबी ने सिएरा लियोन के झरने के पास एक पौधा देखा जो झरने की चट्टान से चिपका हुआ था.
उन्होंने उस पौधे के नमूने को इकट्ठा किया और उसे क्यू भेजा. यहां इस पौधे को एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना गया.
अइया लेबी ने बीबीसी को बताया, ''यह पौधा बाकी पौधों से काफी अलग है, झरने के पास मिलने वाले पौधों से अलग होने की वजह से ही मेरी नज़र इस पर पड़ी, और अब मेरा नाम इसके साथ हमेशा के लिए जुड़ गया है."
स पौधे को बेहद दुर्लभ और लुप्त होने वाले पौधे के तौर पर माना गया है. ये एक ऐसे इलाके में पाया गया हैं जहां खनन और हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का ख़तरा बना हुआ है. इसकी वजह से वैज्ञानिकों का मानना है कि ये पौधे कुछ सालों में लुप्त हो सकते हैं.
प्रोफेसर लेबी ने कहते हैं, ''पृथ्वी पर मौजूद पौधों की हर एक प्रजाति हमारे अस्तित्व के लिए बेहद ज़रूरी है. अगर हम कहें कि हम इनका संरक्षण नहीं करेंगे तो मेरे लिए इसका मतलब होगा हम अपनी दुनिया को खोने जा रहे हैं."
दुनिया में पिचर प्लांट यानी कीड़ों को खाने वाले पौधों की 150 से अधिक प्रजातियां हैं. इसी तरह के एक और पिचर प्लांट की खोज इंडोनेशिया के बियाक नामक छोटे से द्वीप में हुई है. इसका नाम नेपेंथेस बियाक है.
इन पौधों को असल नुकसान तब होने लगा जब इस द्वीप पर पर्यटकों के जहाज़ रुकने लगे.
क्यू के वनस्पतिविद डॉक्टर मार्टिन चीक इस संबंध में कहते हैं,''ऐसा माना जाता है कि पर्यटकों ने अपने लिए रास्ता बनाने की कोशिश की होगी, जिसके चलते ये पौधे तोड़ दिए गए. इन पौधों को संरक्षित करने की ज़रूरत है."
डॉक्टर मार्टिन चीक कहते हैं कि इन पौधों को भविष्य के लिए बचाकर रखना हमारा काम है. ये पिचर प्लांट कई तरह की दवा बनाने के काम आते हैं.
इस नए पौधे का नाम किंडिया गंगन है, ये कॉफ़ी की एक प्रजाति है. यह पौधा क्यू के वैज्ञानिकों को पश्चिमी अफ़्रीका के किंडिया शहर में एक फील्ड ट्रिप के दौरान मिला.
वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि इस पौधे में औषधीय गुण हैं जो कैंसर के इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं.
साल 2018 की बात की जाए तो लंदन के क्यू ज़िले में स्थित रॉयल बोटेनिक गार्डन के वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक नए पौधों की खोज की.
सिएरा लियोन के राष्ट्रीय वनस्पति संग्रहालय के प्रोफेसर अइया लेबी ने सिएरा लियोन के झरने के पास एक पौधा देखा जो झरने की चट्टान से चिपका हुआ था.
उन्होंने उस पौधे के नमूने को इकट्ठा किया और उसे क्यू भेजा. यहां इस पौधे को एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना गया.
अइया लेबी ने बीबीसी को बताया, ''यह पौधा बाकी पौधों से काफी अलग है, झरने के पास मिलने वाले पौधों से अलग होने की वजह से ही मेरी नज़र इस पर पड़ी, और अब मेरा नाम इसके साथ हमेशा के लिए जुड़ गया है."
स पौधे को बेहद दुर्लभ और लुप्त होने वाले पौधे के तौर पर माना गया है. ये एक ऐसे इलाके में पाया गया हैं जहां खनन और हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का ख़तरा बना हुआ है. इसकी वजह से वैज्ञानिकों का मानना है कि ये पौधे कुछ सालों में लुप्त हो सकते हैं.
प्रोफेसर लेबी ने कहते हैं, ''पृथ्वी पर मौजूद पौधों की हर एक प्रजाति हमारे अस्तित्व के लिए बेहद ज़रूरी है. अगर हम कहें कि हम इनका संरक्षण नहीं करेंगे तो मेरे लिए इसका मतलब होगा हम अपनी दुनिया को खोने जा रहे हैं."
दुनिया में पिचर प्लांट यानी कीड़ों को खाने वाले पौधों की 150 से अधिक प्रजातियां हैं. इसी तरह के एक और पिचर प्लांट की खोज इंडोनेशिया के बियाक नामक छोटे से द्वीप में हुई है. इसका नाम नेपेंथेस बियाक है.
इन पौधों को असल नुकसान तब होने लगा जब इस द्वीप पर पर्यटकों के जहाज़ रुकने लगे.
क्यू के वनस्पतिविद डॉक्टर मार्टिन चीक इस संबंध में कहते हैं,''ऐसा माना जाता है कि पर्यटकों ने अपने लिए रास्ता बनाने की कोशिश की होगी, जिसके चलते ये पौधे तोड़ दिए गए. इन पौधों को संरक्षित करने की ज़रूरत है."
डॉक्टर मार्टिन चीक कहते हैं कि इन पौधों को भविष्य के लिए बचाकर रखना हमारा काम है. ये पिचर प्लांट कई तरह की दवा बनाने के काम आते हैं.
इस नए पौधे का नाम किंडिया गंगन है, ये कॉफ़ी की एक प्रजाति है. यह पौधा क्यू के वैज्ञानिकों को पश्चिमी अफ़्रीका के किंडिया शहर में एक फील्ड ट्रिप के दौरान मिला.
वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि इस पौधे में औषधीय गुण हैं जो कैंसर के इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं.
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